क्या हैं मानसिक रोग ? (भाग-1)
आज के व्यक्तिपरक सम्बन्ध, सामाजिक दायित्वहीनता, व्यवस्थता, नैतिक पतन आदि ने व्यक्ति को अकेला कर दिया है। अकेलेपन की स्थिति में व्यक्ति म...
आज के व्यक्तिपरक सम्बन्ध, सामाजिक दायित्वहीनता, व्यवस्थता, नैतिक पतन आदि ने व्यक्ति को अकेला कर दिया है। अकेलेपन की स्थिति में व्यक्ति म...
प्रस्तावना दुनियाँ में आधुनिकता की प्रतिस्पर्द्धा चल रही है। सभी समाजों व सभी वर्गों के लोग भी ज्यादा से ज्यादा तकनीकियों को अपना रहें ह...
आप शायद सोचेंगे कि यह क्या बात हुयी, साथ खाने या न खाने से क्या फर्क पड़ता है। इससे इतना फर्क पड़ता है जितना जमीन और आसमान में फर्क होता ह...
आधुनिक जीवन शब्द आते ही हमारे मन में हजारों तरह की जिज्ञासाओं का जन्म होता है। ऐसा क्या है? जो आज हो गया है और जो पहले नहीं हुआ! श्रीमद...
श्रीमद्भगवद्गीता हिन्दुओं के पवित्रतम ग्रन्थों में से एक है।’ यह महाभारत के ‘भीष्मपर्व’ के अन्तर्गत दिए गए 23 से 40 तक के 18 अध्याय है।...