क्या आपके पतिदेव भी हर बात पर कहते हैं ‘नो’
कहते हैं मिल जाये अगर कोई साथी मस्ताना तो जीवन हंस खेल कर कैसे व्यतीत हो जाता है, पता ही नहीं चलता मगर दुल्हन जब पिता का घर छोड़ पिया के ...
कहते हैं मिल जाये अगर कोई साथी मस्ताना तो जीवन हंस खेल कर कैसे व्यतीत हो जाता है, पता ही नहीं चलता मगर दुल्हन जब पिता का घर छोड़ पिया के ...
आप शायद सोचेंगे कि यह क्या बात हुयी, साथ खाने या न खाने से क्या फर्क पड़ता है। इससे इतना फर्क पड़ता है जितना जमीन और आसमान में फर्क होता ह...